बीसीसीआई से 70 मिलियन डॉलर का मुआवजा मांग रहा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड

दुबई: भारतीय क्रिकेट नियामक मंडल (बीसीसीआई) आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की विवाद समाधान समिति के समक्ष तर्क के अपने पक्ष पेश करेगा. कल की सुनवाई में, पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी पाकिस्तान और भारत के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला के मुड़े पर अपना पक्ष पेश करने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित हुए थे. गौरतलब है कि पीसीबी और बीसीसीआई के बीच अप्रैल 2014 में किए गए एक समझौते को लेकर विवाद है, जिसमे भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मैचों को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे. लेकिन भारत ने इस समझौते का सम्मान नहीं किया और इसी वजह से पाकिस्तान ने बीसीसीआई के इस कदम से होने वाले नुकसान का दावा करते हुए पिछले नवंबर में क्रिकेट के शासी निकाय के साथ विवाद का नोटिस दायर किया था. पीसीबी भारत से मुआवजे में 70 मिलियन डॉलर की मांग कर रही है और कह रही है कि 2014 में हस्ताक्षर किए गए समझौते (एमओयू) में 2015 और 2023 के बीच छह द्विपक्षीय श्रृंखला खेलने पर सहमति बनी थी. लेकिन अभी तक उप-महाद्वीप प्रतिद्वंद्वियों के बीच एक भी श्रृंखला नहीं खेली गई है क्योंकि बीसीसीआई ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने से इनकार कर दिया है. जबकि बीसीसीआई का कहना है कि वो पाकिस्तान के साथ श्रृंखला आयोजित करने में असमर्थ है, क्योंकि भारत सरकार द्वारा उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई है.