विधानसभा चुनाव 2018 : यह है तीन बड़े राज्यों की स्थिति

नई दिल्ली। देश के अधिकतर राज्यों में विधानसभा चुनाव काफी नजदीक आ गए है। कुछ दिनों पूर्व ही भारतीय चुनाव आयोग ने देश के पांच बड़े राज्यों में चुनावों की तारीखों की घोसना भी कर दी है। इन राज्यों में तीन बड़े राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ भी शामिल है। इन चुनावों को लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां भी तेज कर ली है। इसके साथ ही देश में इस बात के कयास लगने भी शुरू हो गए है कि इन राज्यों में इस बार किसकी सरकार बनेगी। तो आइये हम आपको बताते है कि इन राज्यों में विभिन्न पार्टियों की क्या-क्या स्थितियां है। भारत के मध्य में स्थित राज्य मध्यप्रदेश में पिछले 15 सालों से भाजपा सरकार ही सत्ता पर राज कर रही है। भाजपा ने पिछले तीन चुनावों में कांग्रेस को भारी मतों से हराया था। इस राज्य में साल 2013 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 230 सीटों में से 165 सीटों पर जीत दर्ज की थी तो वही कांग्रेस सिर्फ 58 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई थी। हालाँकि इस बार के चुनाव में भाजपा के लिए जीत हासिल करना इतना आसान नहीं होगा। इस बार जातिगत समीकरण, और एससी-एसटी एक्ट में हुए हालिया संसोधन जैसे कुछ मामले भाजपा की राह में मुश्किलें डाल सकते है। राजस्थान में है यह स्थिति मध्यप्रदेश की तरह राजस्थान में भी इस वक्त भाजपा की ही सरकार है। हालांकि अगर पिछले आकड़ें देखे तो इस राज्य में 1993 के बाद से कोई भी पार्टी लगातार दो बार सत्ता में नहीं आ सकी है। पिछले चुनावों में यहाँ भाजपा ने 200 सीटों में से 163 सीटे जीतकर सत्ता हासिल की थी, जबकि कांग्रेस इस राज्य में मात्र 21 सीटें ही जीत पाई थी। राजस्थान में इस बार मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को और कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट को उम्मीदवार बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में ऐसे है चुनावी हालत मध्यप्रदेश और राजस्थान की रह ही छत्तीसगढ़ में भी इस वक्त भाजपा ही सत्ता में है। यहाँ पर भी पिछले 15 सालों से भाजपा की ही सरकार है। इस राज्य में कांग्रेस पिछले बार सत्ता में तभी आई थी जब 2000 में राज्य का गठन हुआ था। हालाँकि इस राज्य में 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। कांग्रेस ने इस चुनाव में 90 सीटों में से 39 सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि बीजेपी 49 सीटें जीतने के बाद सत्ता पर फिर काबिज हुई थी।

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