राजनैतिक चक्रव्यूह में फसी राफेल डील, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

नईदिल्ली: भारत में अभी सबसे चर्चित मामला राफेल डील को लेकर चल रहा है। यहां हम आपको बता दें कि भारत ने राफेल सौदे के तहत 36 राफेल विमानों का सौदा किया है और फ्रांस के साथ इस डील पर हस्ताक्षर भी हो गए हैं। दोेनों देशों के बीच हुए इस आपसी समझौते का व्यापक असर विपक्ष की पार्टी कांग्रेस पर ज्यादा दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार राफेल लड़ाकू विमान दोहरे इंजन वाला विमान है, इसका निर्माण फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन करती है। इसका मुख्य रूप से प्रयोग युद्ध के लिए किया जाता है, हवाई हमला, जमीनी समर्थन, वायु वर्चस्व, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध ये सारी राफेल विमान की खूबियां हैं। कांग्रेस सरकार द्वारा राफेल डील को एक मुद्दा बनाया गया ​है, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद में भी फ्रांस से राफेल डील मामले में लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जमकर बहस की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा था। राहुल का कहना था कि पीएम मोदी ने इस डील को एक गोपनीयता के साथ किया है और वे इसे सबके सामने नहीं बताना चाहते हैं। पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी और उनके समर्थकों ने फ्रांस से हुई राफेल डील पर जबाव मांगा था। जानकारी के अनुसार हाल में एड. विनीत ढ़ांडा ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की है, जिसमें कोर्ट से पूछा गया है कि​ इस डील पर सरकार कोर्ट से जबाव मांगे, इस पर न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा है जो याचिका दायर की गई है उस पर 10 अक्टूबर को सुनवाई करेंगे। यहां बता दें कि राफेल डील पर कांग्रेस भाजपा सरकार को निशाना बनाए हुए है और पीएम मोदी और अनिल अंबानी पर केस करने की मांग भी कर रही है।

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